श्लोक - १२४७

सच्चित्त ! त्यज कामं वा लज्जां वा त्वं परित्यज ।
तदेतदुभयं सोढुमेकदा नैव शक्नुयाम् ॥
Tamil Transliteration
Kaamam Vituondro Naanvitu Nannenje
Yaano Poreniv Virantu.
| Section | भाग–३: काम-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 121 to 133 |
| chapter | मनस्येव कथनम् |