श्लोक - ६९६

ज्ञात्वेङ्गितं च कालं च भूपतेर्यत्तु वाञ्छितम् ।
अनिराकरणीयं तत् मन्त्री बूयान्मनोहरम् ॥
Tamil Transliteration
Kuripparindhu Kaalang Karudhi Veruppila
Ventupa Vetpach Cholal.
| Section | भाग–२: अर्थ-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 051 to 060 |
| chapter | राजसेवा |