श्लोक - ६९५

रहस्यं भाषते राजा यद्यन्येर्नैव तच्छुणु ।
प्रश्नं न कुर्यात् किं वेति तेनोक्तं चेत् तदा श्रृणु ॥
Tamil Transliteration
Epporulum Oraar Thotaraarmar Rapporulai
Vittakkaal Ketka Marai.
| Section | भाग–२: अर्थ-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 051 to 060 |
| chapter | राजसेवा |