श्लोक - १७५

परद्रव्यापहारार्थे निन्दितं कर्म कुर्वत: ।
सूक्ष्मेण शास्त्रज्ञानेन विद्यते किं प्रयोजनम् ॥
Tamil Transliteration
Aqki Akandra Arivennaam Yaarmaattum
Veqki Veriya Seyin.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 011 to 020 |
| chapter | अलोभ: |