श्लोक - ९१८

कुलटाभिर्वञ्चिकाभि: सहालिङ्गनकर्म तु ।
नृणा विवेकशून्यानां भूतं प्राणहरं भवेत् ॥
Tamil Transliteration
Aayum Arivinar Allaarkku Anangenpa
Maaya Makalir Muyakku.
| Section | भाग–२: अर्थ-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 91 to 100 |
| chapter | पण्याङ्गना |