श्लोक - ८६०

भेदज्ञानेन चैकस्य बह्वनर्था भवन्ति हि ।
सौहार्दान्नितिरूपाख्यभाग्यं जायेत कस्यचित् ॥
Tamil Transliteration
Ikalaanaam Innaadha Ellaam Nakalaanaam
Nannayam Ennum Serukku.
| Section | भाग–२: अर्थ-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 91 to 100 |
| chapter | भेदबुद्ध: |