श्लोक - ४३

पितृदेवातिथीनां च बन्धूनामात्मनस्तथा ।
सत्कृतिर्धर्ममागेंण गृहस्थस्य वरा मता ॥
Tamil Transliteration
Thenpulaththaar Theyvam Virundhokkal Thaanendraangu
Aimpulaththaaru Ompal Thalai.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 011 to 020 |
| chapter | गार्हस्थ्यम् |