श्लोक - २८७

आत्मानात्म विवेकादौ समर्थानां मनीषिणाम्।
चौर्य कारणमज्ञानं जायते न कदाचन॥
Tamil Transliteration
Kalavennum Kaarari Vaanmai Alavennum
Aatral Purindhaarkanta Il.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 021 to 030 |
| chapter | चौर्यनिषेध: |