श्लोक - २५

आशापञ्चकमुक्तस्य गीयते शक्तिरुत्तमा ।
गौतमादात्तशापोऽत्र देवराजो निदर्शनम् ॥
Tamil Transliteration
Aindhaviththaan Aatral Akalvisumpu Laarkomaan
Indhirane Saalung Kari.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 001 to 010 |
| chapter | यतिवैभवम् |