श्लोक - १२५३

काममन्तश्छादयित्तुं मदीयं प्रयते बहु ।
मामतीत्य तु तद्वेगात् निर्याति क्षुतवद्बहि: ॥
Tamil Transliteration
Maraippenman Kaamaththai Yaano Kurippindrith
Thummalpol Thondri Vitum.
| Section | भाग–३: काम-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 121 to 133 |
| chapter | धैर्यहानि: |