मध्यस्थता

Verses

श्लोक #१११
मध्यस्थता यथेष्ट है, यदि हो यह संस्कार ।
शत्रु मित्र औ’ अन्य से, न्यायोचित व्यवहार ॥

Tamil Transliteration
Thakudhi Enavondru Nandre Pakudhiyaal
Paarpattu Ozhukap Perin.

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श्लोक #११२
न्यायनिष्ठ की संपदा, बिना हुए क्षयशील ।
वंश वंश का वह रहे, अवलंबन स्थितिशील ॥

Tamil Transliteration
Seppam Utaiyavan Aakkanj Chidhaivindri
Echchaththir Kemaappu Utaiththu.

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श्लोक #११३
तजने से निष्पक्षता, जो धन मिले अनन्त ।
भला, भले ही, वह करे तजना उसे तुरन्त ॥

Tamil Transliteration
Nandre Tharinum Natuvikandhaam Aakkaththai
Andre Yozhiya Vital.

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श्लोक #११४
कोई ईमान्दार है, अथवा बेईमान ।
उन उनके अवशेष से, होती यह पहचान ॥

Tamil Transliteration
Thakkaar Thakavilar Enpadhu Avaravar
Echchaththaar Kaanap Patum.

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श्लोक #११५
संपन्नता विपन्नता, इनका है न अभाव ।
सज्जन का भूषण रहा, न्यायनिष्ठता भाव ॥

Tamil Transliteration
Ketum Perukkamum Illalla Nenjaththuk
Kotaamai Saandrork Kani.

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श्लोक #११६
सर्वनाश मेरा हुआ, यों जाने निर्धार ।
चूक न्याय-पथ यदि हुआ, मन में बुरा विचार ॥

Tamil Transliteration
Ketuvalyaan Enpadhu Arikadhan Nenjam
Natuvoreei Alla Seyin.

Explanations
श्लोक #११७
न्यायवान धर्मिष्ठ की, निर्धनता अवलोक ।
मानेगा नहिं हीनता, बुद्धिमान का लोक ॥

Tamil Transliteration
Ketuvaaka Vaiyaadhu Ulakam Natuvaaka
Nandrikkan Thangiyaan Thaazhvu.

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श्लोक #११८
सम रेखा पर हो तुला, ज्यों तोले सामान ।
भूषण महानुभाव का, पक्ष न लेना मान ॥

Tamil Transliteration
Samanseydhu Seerdhookkung Kolpol Amaindhorupaal
Kotaamai Saandrork Kani.

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श्लोक #११९
कहना सीधा वचन है, मध्यस्थता ज़रूर ।
दृढ़ता से यदि हो गयी, चित्त-वक्रता दूर ॥

Tamil Transliteration
Sorkottam Illadhu Seppam Orudhalaiyaa
Utkottam Inmai Perin.

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श्लोक #१२०
यदि रखते पर माल को, अपना माल समान ।
वणिक करे वाणीज्य तो, वही सही तू जान ॥

Tamil Transliteration
Vaanikam Seyvaarkku Vaanikam Penip
Piravum Thamapol Seyin.

Explanations
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