श्लोक - ९२८

सुरां पीत्वापि 'नो पीतं मये ति कथनं त्यज ।
पानमात्रेण चित्तस्थसत्यं किल विनिस्सरेत् ॥
Tamil Transliteration
Kaliththariyen Enpadhu Kaivituka Nenjaththu
Oliththadhooum Aange Mikum.
| Section | भाग–२: अर्थ-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 91 to 100 |
| chapter | मद्यपाननिषेध: |