श्लोक - ३८

अनुस्यूततया धर्मकार्ये जन्मनि यत् कृतम् ।
तत् पुनर्जन्ममार्गस्य निरोधकशिलायते ॥
Tamil Transliteration
Veezhnaal Pataaamai Nandraatrin Aqdhoruvan
Vaazhnaal Vazhiyataikkum Kal.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 001 to 010 |
| chapter | धर्मवैशिष्ट्यम् |