श्लोक - ३७२

विदुषोऽपि भवेन्मौढ्यं अर्थनाशककर्मणा।
मूढस्यापि भवेज्ज्ञान मर्थप्रापककर्मणा॥
Tamil Transliteration
Pedhaip Patukkum Izhavoozh Arivakatrum
Aakaloozh Utrak Katai.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 031 to 038 |
| chapter | विधि: |