श्लोक - २९

गुणपर्वतमारूढा: मुनय: कुपिता यदि ।
क्षणिकोऽपि स दुर्वारफल:शान्तिप्रसादने ॥
Tamil Transliteration
Kunamennum Kundreri Nindraar Vekuli
Kanameyum Kaaththal Aridhu.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 001 to 010 |
| chapter | यतिवैभवम् |