श्लोक - २६४

साधूनां सङ्ग्रहे दुष्टजनानां निग्रहेपि च।
शक्ति:स्मरणमात्रेण महतां स्यात्तपोबलात्॥
Tamil Transliteration
Onnaarth Theralum Uvandhaarai Aakkalum
Ennin Thavaththaan Varum.
| Section | भाग–१: धर्मकाण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अधिकार 021 to 030 |
| chapter | तप: |