श्लोक - १०८८

समरे शत्रुवित्रासहेतुभृतं बलं मम ।
रमणीरम्यफालेन नृनमासीत् पराजितम् ॥
Tamil Transliteration
Onnudhar Koo Utaindhadhe Gnaatpinul
Nannaarum Utkumen Peetu.
| Section | भाग–३: काम-काण्ड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 109to 120 |
| chapter | दर्शनंवितर्कश्च तिरुक्कुरळ् |