श्लोक - ७०४

बिना कहे भावज्ञ हैं, उनके सम भी लोग ।
आकृति में तो हैं मगर, रहें भिन्न वे लोग ॥
Tamil Transliteration
Kuriththadhu Kooraamaik Kolvaaro Tenai
Uruppo Ranaiyaraal Veru.
| Section | अर्थ- कांड |
|---|---|
| Chapter Group | अध्याय 051 to 060 |
| chapter | भावज्ञत |